Blog

विजया- गठिया के दर्द के लिये रामबाण

Pinterest LinkedIn Tumblr

दुर्भाग्य से, गठिया या आर्थराइटिस भारत में सबसे अधिक होने वाली बीमारियों में से एक है। 60 वर्ष से अधिक आयु के अधिकांश पुरुष और 50 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं इस बीमारी से पीड़ित हैं। इसमे भी ऑस्टियोआर्थराइटिस सबसे ज़्यादा होने वाला रोग है।

अधिकांश लोग किसी न किसी प्रकार के जोडो के रोग से पीड़ित हैं। गठिया भारत में लगभग 180 मिलियन लोगों को प्रभावित करता है। यह मधुमेह, यहां तक ​​कि कैंसर से भी ज़्यादा लोगो को प्रभावित करता है।

यह रोग वास्तव में क्या है, और यह लोगो को इतना ज़्यादा क्यों होता है? आइये जानते हैं।

परिभाशा

शब्द ‘गठिया’ कई बीमारियों को संदर्भित करता है जो आपके शरीर के जोड़ों और आसपास के ऊतकों और/या स्नायुबंधन को प्रभावित करती हैं। जोड़ों में सूजन पैदा करके, यह उनके संचालन और कार्य में बाधा उत्पन्न करता है।

यह मुख्य रूप से बढती उम्र और मोटापे के साथ जोड़ों के ज़्यादा प्रयोग के कारण होता है। इसके अलावा यह संक्रमण, प्रतिरक्षा प्रणाली में असंतुलन और आनुवांशिकी के कारण भी हो सकता है।

निदान

एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन और अल्ट्रासाउंड परीक्षण जैसे टेस्ट रोग के प्रकार और लक्षणों को निर्धारित करने में मदद करते हैं।

उपचार

उपचार निम्न प्रकार से किया जा सकता है:

  • दर्द निवारक, काउंटर इरिटेंट, नॉन-स्टेरायडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडी), आदि जैसी दवाएं।
  • जोड़ों को मजबूत करने और उनकी गति में सुधार करने के लिए व्यायाम जैसी शारीरिक थैरेपी।
  • सर्जरी (यदि दवाओ से आराम नहीं मिलता) जैसे जोडो का प्रतिस्थापन या रिपेयर करना।
  • विजया का उपयोग

विजया क्या है?

दर्द को कम करने, सूजन को कम करने, मूड को बेहतर बनाने, नींद में सुधार करने और भी बहुत सी चीज़ो के लिए हजारों वर्षों से आयुर्वेद में विजया का उपयोग किया जाता है। 80 से अधिक आयुर्वेदिक योगों में प्रयुक्त विजया को पांच सबसे आवश्यक जड़ी बूटियों में से एक माना जाता है।

विजया में हानिकारक दुष्प्रभावों के बिना प्रचुर मात्रा में चिकित्सीय गुण हैं। यह एंडोकैनाबिनोइड सिस्टम को उत्तेजित करता है, जो समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने और होमियोस्टेसिस को बनाये रखने के लिये सबसे महत्वपूर्ण शारीरिक प्रणाली है।

इसका चिकित्सीय रूप मेडिकल कैनाबिस है और यह रोगियों को डॉक्टर की सलाह के उपरांत ही मिल सकता है।

विजया गठिया के दर्द को कैसे दूर करता है?

गठिया में सबसे महत्वपूर्ण दर्द प्रबंधन है। आमतौर पर दर्द को कम करने के लिए पारंपरिक दर्द निवारक, स्टेरॉयड और एनएसएआईडी दवायेँ दी जाती हैं।

लेकिन विजया उनकी तरह कार्य नहीं करता।

विजया के पौधों में कैनाबिनोइड्स होते हैं, जो कि प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले रासायनिक पदार्थ हैं। ये कृत्रिम रूप से भी बनाये जाते हैं और गठिया के दर्द के उपचार में प्रभावी साबित होते हैं।

जब इसका मुह या साँस के माध्यम से सेवन किया जाता है, तो विजया के रिसेप्टर्स से जुडे कैनबिनोइड्स पूरे शरीर में फैल जाते हैं, मस्तिष्क के रिवार्ड सिस्टम को सक्रिय करते हैं, और जोड़ों और आसपास के ऊतकों जैसे उपास्थि और स्नायुबंधन के दर्द और सूजन को कम करते हैं।

विजया का प्रयोग क्यो करेँ?

फेडरेशन ऑफ यूरोपियन न्यूरोसाइंस सोसायटी द्वारा किए गए अध्ययन में कैनबिनोइड्स के चिकित्सीय उपयोग को मंजूरी दे दी गई है, और दुनिया भर के फार्मासिस्ट इसके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद करते हैं।

कनाडा की आर्थराइटिस सोसाइटी, यूनिवर्सिटी ऑफ केंटकी कॉलेज ऑफ मेडिसिन और कॉलेज ऑफ फार्मेसी, अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन, और टोरंटो विश्वविद्यालय के विभिन्न शोधकर्ताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा किए गए अन्य अध्ययन और सर्वेक्षण में कैनबिनोइड उपचार के शोथ हर और दर्द निवारक गुण पाये गये हैं। 

बोस्टन में सीईडी फाउंडेशन और क्लीनिक के संस्थापक और कैनाबिस विशेषज्ञ डॉ बेंजामिन कैपलन, कहते हैं कि सीबीडी की दवाओ मे पारंपरिक दवाओं जैसे कई दुष्प्रभाव नहीं होते।

कई मरीज़ो मे सीबीडी की दवा के सेवन के बाद जोडो की तरलता में वृद्धि, सूजन में कमी, और सुचारू कार्य और गति देखने को मिलती है।

इसके विभिन्न उपभेदों, अंतःक्रियाओं और सुरक्षित प्रयोग को समझने के लिए और भी ​​अध्ययन किए जा रहे हैं।

इसका उपयोग कैसे करें?

कुछ साल पहले, विजया प्राप्त करना एक बड़ी समस्या थी क्योंकि इसे अधिकांश देशों में वैध नहीं किया गया था।

लेकिन आज जागरूकता और अध्ययन में वृद्धि के कारण कई देशों ने इसे वैध कर दिया है। इस कारण दुनिया भर में इसकी उपलब्धता बढ़ गयी है। ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, कनाडा, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड आदि जैसे देश अब विजया से उपचार के लिए आगे आये हैं।

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने भी विजया को दर्द और दौरो के इलाज के लिए मंजूरी दे दी है। इसके लिए आपको एक लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक से ली गयी सलाह की आवश्यकता है।

भारत में, त्रैलोक्य विजया वटी 43,000 डॉक्टरों और 230 आयुर्वेद क्लीनिकों के विशाल नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध है, जो हेम्पस्ट्रीट के साथ जुडे हैं। हमारा लक्ष्य विजया को जन-जन तक पहुंचाना है। यह सुनिश्चित करने के लिए हमारी कंपनी शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ काम कर रही है ताकि सुरक्षित दवा का अनुसंधान एवं विकास किया जा सके और विजया की क्षमता का लाभ उठाया जा सके।

कुछ सावधानियाँ

  • दवाओं के साथ व्यायाम, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक संबल भी होना चाहिये।
  • हमेशा पहले डॉक्टर से सलाह लेँ।

यह एक सुरक्षित तरीका है तथा लक्षणों में सुधार करने में प्रभावी है।

संदर्भ

https://www.leafly.com/news/science-tech/the-medical-minute-can-cannabis-help-repair-arthritic-joints

https://www.webmd.com/rheumatoid-arthritis/ra-marijuana-cbd-oil

Write A Comment